Director's Message - NPEPUP
राष्ट्रीय जनसंख्या शिक्षा परियोजना (एन०पी०ई०पी०) भारत में 1980 में मानव संसाधन विकास
मंत्रालय द्वारा स्कूलों में गुणवत्ता सुधार के एक अभिन्न अंग के रूप में शुरू की गई थी। यह
भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित एक मूल्य आधारित अवधारणा है जो भारत के सभी राज्यों और केन्द्र
शासित प्रदेशों में लागू की गई है। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद
(एन०सी०ई०आर०टी०) नई दिल्ली राष्ट्रीय स्तर पर और राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद
(एस०सी०ई०आर०टी०) राज्य स्तर पर परियोजना के कार्यान्वयन व समन्वय का कार्य करती है। इसी के
सापेक्ष राज्य शिक्षा संस्थान, उ०प्र०, प्रयागराज द्वारा नोडल के रूप में वर्ष 1981 से अनवरत
कार्य किया जा रहा है। जिसके अन्तर्गत किशोरवय से सम्बन्धित विभिन्न मुद्दों पर संस्थान द्वारा
जागरूकता आधारित प्रशिक्षण सामग्री, कैलेण्डर, पोस्टर, फोल्डर आदि का विकास कर विद्यालयों,
शैक्षिक कार्यालयों एवं जनसमुदाय में वितरित कर उन्हें जागरूक किया जा रहा है। इसके साथ ही
प्रशिक्षण, शोधकार्य, पाठ्यसहगामी क्रियाकलापों जैसे- रोल-प्ले, लोकनृत्य, पोस्टर, निबन्ध आदि
प्रतियोगिताओं के द्वारा किशोरवय की ज्वलंत समस्याओं के निराकरण का भी प्रयास किया जा रहा है।
इस कार्यक्रम के द्वारा किशोरों में परस्पर स्वस्थ व्यवहार, नशीले पदार्थों के सेवन की रोकथाम,
व्यक्तिगत व पर्यावरणीय स्वच्छता, बड़ों एवं बालिकाओं के प्रति सम्मान, संचारी व गैर-संचारी
रोग, एच०आई०वी० (एड्स), इण्टरनेट व मोबाइल के दुरुपयोग की रोकथाम, पोषण व स्वच्छता के प्रति
जागरूक करने में मदद मिल रही है। पहले की अपेक्षा बच्चों में स्वजागरूकता का विकास हो रहा है।
निश्चित रूप से ही जनसंख्या शिक्षा परियोजना के उपर्युक्त प्रयास विद्यार्थियों को जिम्मेदार
एवं सशक्त नागरिक बनाने में कारगर सिद्ध होंगे।
Rajendra Pratap, Principal, NPEPUP